भिलाई का पहला स्वदेशी मेला रहा ऐतिहासिक

भिलाई में आयोजित स्वदेशी मेले में उमड़ी भीड़ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

भिलाई। Swadeshi Jagaran Manch के तत्वावधान में आयोजित भिलाई का पहला स्वदेशी मेला ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन ने न केवल व्यापारिक दृष्टि से सफलता हासिल की, बल्कि देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत कर लोगों को आकर्षित किया।

22 राज्यों के उत्पादों ने खींचा ध्यान

मेला संयोजक अजय भसीन के अनुसार, इस आयोजन में देश के 22 राज्यों से आए स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। केरल की कलाकृतियों से सजे फर्नीचर, बस्तर के बांस-बेंत उत्पाद, उत्तर प्रदेश के कशीदाकारी कालीन, पारंपरिक मिट्टी के बर्तन, खादी वस्त्र और पश्मीना साड़ियों की खूब बिक्री हुई। इससे स्थानीय और बाहरी व्यापारियों को एक बेहतर मंच मिला।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई रौनक

सात दिवसीय मेले में रोजाना विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य, भाषा और परंपराओं को मंच मिला। रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से “विविधता में एकता” का संदेश दिया गया, जिससे सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा मिला।

हर वर्ग के लिए रहा आकर्षण

मेले में झूले, फूड जोन, ऑटोमोबाइल जोन और बच्चों के लिए विशेष गतिविधियां भी आयोजित की गईं। परिवारों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर इस आयोजन का आनंद लिया, जिससे मेले का माहौल उत्सवमय बना रहा।

स्वदेशी को मिला नया बल

आयोजन का मुख्य उद्देश्य “स्वदेशी अपनाओ, आत्मनिर्भर भारत बनाओ” का संदेश देना था, जिसमें समिति सफल रही। आयोजकों ने सभी आगंतुकों, व्यापारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसे आयोजन जारी रखने का संकल्प लिया।

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