धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में CM का दिल जीता नन्हीं बच्ची भूमिका ने, गोद में बिठाकर किया दुलार

धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में CM का दिल जीता नन्हीं बच्ची भूमिका ने, गोद में बिठाकर किया दुलार

CG Prime News@जगदलपुर. CM Sai attended the Nuakhai gathering of Dhurva community जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन ओलेख के लोकार्पण कार्यक्रम में सीएम विष्णु देव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने धुरवा समाज के लिए 5 स्थानों पर पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास के लिए प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया।

बच्ची को गोद में बिठाकर खिलाया लड्डू

धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण रूप सभी ने देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने धुरवा समाज की नन्हीं बच्ची भूमिका बघेल को स्नेहपूर्वक अपने गोद में बिठाकर दुलार किया और उसे महुआ लड्डू खिलाया।

जगदलपुर विकासखंड के उलनार निवासी भूमिका बघेल अपने दादा सोनसारी बघेल के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी। पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी भूमिका ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक उसका नाम पूछते हुए कहा—”बिटिया, किस कक्षा में पढ़ाई कर रही हो?” मासूम मुस्कान के साथ भूमिका ने उत्तर दिया—”मैं दीप्ति कान्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती हूँ।”

लोगों के मन को छू गया दृश्य

यह स्नेहिल दृश्य समारोह में उपस्थित सभी लोगों के मन को गहराई तक छू गया। एलकेजी में पढ़ रही भूमिका की निश्छल मुस्कान, पारंपरिक परिधान और मासूम नजऱों की चमक में बस्तर की संस्कृति और उसकी खुशियाँ झलक रही थी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने पिछले वर्ष ही अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया। यही शिक्षा और संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यही कामना करता हूँ कि भूमिका और छत्तीसगढ़ की हर बेटी खूब पढ़े, आगे बढ़े, उड़ान भरे और अपनी संस्कृति से यूँ ही जुड़ी रहे।

जनजातीय समाज से जुड़ाव

मुख्यमंत्री साय का आत्मीय व्यवहार जनजातीय समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण हृदय का प्रमाण है। उनकी यह सरलता और अपनापन न केवल लोगों को विश्वास से भरता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार का नेतृत्व समाज के हर वर्ग और हर बच्चे के सुख-दुख में सहभागी है।

Related posts

दुर्ग में गांजा बेचते 20 वर्षीय युवक गिरफ्तार, 1.3 किलो गांजा जब्त

पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 2 बच्चों समेत 10 की मौत, 22 झुलसे, कई मकान जमींदोज

दिल्ली में चलती स्लीपर बस में 16 साल की छात्रा से गैंगरेप, घर से नाराज होकर निकली थी