दुर्ग जिले में परिवहन विभाग का सघन जांच अभियान
भिलाई। सड़क एवं जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग के उड़नदस्ता दुर्ग द्वारा जिले के विभिन्न मार्गों पर संचालित यात्री बसों की औचक एवं सघन जांच लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत दुर्ग जिले में 24 यात्री बसों में गंभीर सुरक्षा कमियां पाई गईं, जिन पर ₹34,900 की चालानी कार्रवाई की गई।
बसों में अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की जांच
जांच के दौरान बसों में अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी गेट) तथा फर्स्ट एड बॉक्स की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता की गहन जांच की गई। कई बसों में ये अनिवार्य सुरक्षा उपकरण या तो पूरी तरह अनुपस्थित पाए गए या फिर अनुपयोगी स्थिति में थे, जिसे यात्रियों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही माना गया।
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चल रहा अभियान
यह अभियान परिवहन सचिव सह परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश एवं अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। उनके निर्देशानुसार जिले में सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है।
बस संचालकों को कड़ी चेतावनी
उड़नदस्ता दुर्ग के प्रभारी सीके साहू ने सभी बस संचालकों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि समझाइश एवं चालानी कार्रवाई के बावजूद यदि भविष्य में किसी भी बस में यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित कमी पाई जाती है, तो संबंधित बस को जब्त किया जाएगा तथा परमिट निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
अभियान रहेगा लगातार जारी
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि आपात स्थितियों में जनहानि को रोका जा सके और यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके।